
बस्ती (उ.प्र.)। नगरपालिका परिषद अध्यक्ष नेहा वर्मा ने शुक्रवार को नगर पालिका परिषद बस्ती के बेड़े में दो नए वाहन एक जे.सी.बी. और एक मिनी पोकलैंड का विधि विधान से पूजन कर उसे हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कहा कि एक जे.सी.बी. और एक मिनी पोकलैंड मशीन के आ जाने से शहर को स्वच्छ रखने के साथ ही अन्य विकास कार्यो में सुविधा होगी। कहा कि नगर पालिका क्षेत्र के विकास के लिये निरन्तर चरणबद्ध अभियान जारी है। सड़क, पथ प्रकाश, शुद्ध पेयजल आपूर्ति के साथ ही वार्डो का विकास किया जा रहा है। नगरपालिका क्षेत्र के विकास के लिये अनेक लम्बित प्रस्तावों को स्वीकृति मिलते ही विकास कार्यो में और तेजी आयेगी।

अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में नागरिक समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण कराया जा रहा है। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता अंकुर वर्मा, सभासद जगदीप श्रीवास्तव, जीवन चौधरी लारा कृष्ण कुमार पाण्डेय, परमेश्वर शुक्ल पप्पू, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, दिनेश गुप्ता, इन्द्रावती देवी, अमरावती देवी, रवि पासवान, महेन्द्र सोनकर, मो. आमिर, रमेश गुप्ता, सुभाष श्रीवास्तव डब्लू, शोभी सोनकर, अश्विनी श्रीवास्तव, प्रमोद कन्नौजिया, अमरनाथ चौरसिया, मृदुला शुक्ला, अभिषेक चौधरी के साथ ही अर्पित निगम, अर्चना कुमारी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अवधेश चन्द्र यादव, सदन लिपिक राजीव शंकर श्रीवास्तव, वाहन लिपिक शुभम शेखर यादव, अजय तिवारी, अभिषेक सिंह, अमित कुमार शुक्ला के साथ ही पूर्व सभासद सचिन शुक्ल, आशीष शुक्ल के साथ् ही नगरपालिका कर्मी, सभासद आदि उपस्थित रहे।
सदैव याद किया जायेगा होम्योपैथी के जन्मदाता सैमुएल हैनिमैन का योगदान-डा. वी.के. वर्मा
जयन्ती पर होम्योपैथी के जन्मदाता सैमुएल हैनिमैन को किया नमन : योगदान पर चर्चा
बस्ती। होम्योपैथी के जन्मदाता सैमुएल हैनिमैन की जयंती शुक्रवार को पटेल एस.एम.एच. हास्पिटल एण्ड आयुष पैरा मेडिकल कालेज गोटवा में विश्व होम्योपैथी दिवस के रूप में मनाया गया। प्रबंधक डा. वी.के. वर्मा, डाक्टर और छात्रों ने सैमुएल हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन् किया। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में डा. वर्मा ने उपस्थित लोगोें को सैमुएल हैनिमैन और होम्यापैथी औषधियों के कारगर प्रयोग की विस्तार से जानकारी दिया। कहा कि होम्योपैथी अब भारत सहित पूरी दुनियां में मरीजों के साथ ही असाध्य रोगों का भी कारगर उपचार कर रही है। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा। कहा कि हृदय रोग, पथरी, डेगू, चिकनगुनिया आदि रोगांें में होम्योपैथी कारगर सिद्ध हो रही है।

डा. वर्मा ने बताया कि सैमुएल हैनिमैन का जन्म 1755 में हुआ था। वह यूरोप देश के जर्मनी के निवासी थे वे एलोपैथी के चिकित्सक थे साथ में बहुत सारी यूरोपियन भाषाओं के ज्ञाता भी थे । उनके पिताजी एक पेंटर थे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी । स्कूली शिक्षा के बाद एक मेडिकल की तैयारी करने के लिए कॉलेज गए इनकी पारिवारिक स्थिति कमजोर होने के कारण इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा इनके कॉलेज के एक अध्यापक ने इनकी गरीबी को देखकर इनकी पढ़ाई में इनका सहयोग किया और पैसे की तंगी के बाद भी इनकी पढ़ाई लगातार चलती रही जब उन्होंने मेडिकल कंप्लीट किया तो इन्हें प्रेक्टिस करना था प्रेक्टिस करने के लिए ये गांव गांव में प्रैक्टिस करने लगे लेकिन प्रेक्टिस करने के दौरान उन्हें उस समय की चिकित्सा प्रणाली ठीक नहीं लगी क्योंकि उस समय आधुनिक तरह-तरह से चिकित्सा करने की प्रणालियों की कमी थी जिस वजह से उन्होंने अपनी प्रेक्टिस को बीच में ही छोड़ दिया और होम्योपैथी चिकित्सा का वरदान समूचे विश्व को दिया।

उपस्थित लोगों के प्रश्नों का उत्तर देते हुये डा. वर्मा ने बताया कि होम्योपैथी लक्षणों पर आधारित चिकित्सा पद्धति है और इसके द्वारा अनेक असाध्य रोगों को दूर किया जा सकता है। सैमुएल हैनिमैन की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से डा. आलोक रंजन वर्मा, चन्दा सिंह, डा. मनोज कुमार, डा. आर.एन. चौधरी, शिव प्रसाद , रितेश चौधरी, राजेश सिंह, लालजी, पवन गुप्ता, डा. गुलाब चन्द वर्मा, हिमांशी वर्मा, उमा दूबे, वीरेन्द्र वर्मा, विनोद कुमार, शालू, फूलपत्ती, शिप्रा, लक्ष्मी, गोल्डी के साथ ही छात्र शामिल रहे।





